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योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में ‘खादी नीति’ लागू , गुजरात में ही इस तरह की नीति लागू

योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में ‘खादी नीति’ लागू , गुजरात में ही इस तरह की नीति लागू
योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में ‘खादी नीति’ लागू , गुजरात में ही इस तरह की नीति लागू

गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी ‘खादी नीति’ लागू होगी। इसका मसविदा तैयार हो चुका है और इसे अगले साल अप्रैल में लागू किये जाने की सम्भावना है। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कल शाम यहां बताया कि सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में ‘खादी नीति’ लागू करेगी। अभी तक देश में सिर्फ गुजरात में ही इस तरह की नीति लागू है।

उन्होंने अर्से से बंद कम्बल कारखाना को फिर से शुरू करने के बाद कहा कि प्रस्तावित खादी नीति का पूरा मसौदा तैयार हो चुका है और अप्रैल 2018 में इसे लागू करने की योजना है। पचौरी ने बताया कि अभी तक खादी उत्पाद बनाने पर सरकार 10 प्रतिशत की सब्सिडी देती है। नई नीति में सरकार 10 की जगह 15 प्रतिशत की सब्सिडी देगी। अब खादी से तिरंगा झंडा भी भदोही में बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में बंद पड़े कुल सात कंबल कारखानों को बहुत जल्द फिर खोला जाएगा। इसकी शुरुआत आज भदोही में बंद एक कंबल कारखाना को खोल कर की जा रही है। इस कंबल कारखाना की स्थापना जिला उद्योग केंद्र ने 1956 में की थी। गिरते उत्पादन के मद्देनजर सरकार ने वर्ष 2009 में इसे पूरी तरह से बंद कर दिया था।

अधिकारी जवाहरलाल के अथक प्रयास पर अपनी मुहर लगायी 

गौरतलब है कि कालीन नगरी भदोही स्थित गोपीगंज कंबल कारखाना सूबे के अन्य सात कारखानों के साथ बंद चल रहा था। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री पचौरी ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहरलाल के अथक प्रयास पर अपनी मुहर लगाते हुए इसका शुभारंभ कर दिया।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कारखाने का मकसद बेरोजगारों को रोजगार देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बंद पड़े अन्य सात कारखानों को भी चालू कराया जाएगा। इसके साथ ही सूबे में खादी नीति बनाकर खादी को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज पुराने उद्योग को दोबारा चालू करना आसान है, जबकि नया उद्योग लगाना थोड़ा कठिन है क्योंकि भूमि अधिग्रहण के नए नियमों के तहत जमीनें बहुत महंगी हो गई हैं। योगी सरकार को बने हुए महज पांच महीने हुए हैं, हमें पारदर्शतिा के साथ उद्योग धंधों को नया कलेवर देने के लिए कुछ समय चाहिए।