Home नौकरी नामी कम्पनियां हर साल देंगी दो लाख को नौकरी

नामी कम्पनियां हर साल देंगी दो लाख को नौकरी

नामी कम्पनियां हर साल देंगी दो लाख को नौकरी
नामी कम्पनियां हर साल देंगी दो लाख को नौकरी

नई दिल्ली. भाजपा सरकार के पांच साल में 70 लाख युवाओं को बेरोजगार देने का संकल्प पूरा करने के तहत व्यवसायिक शिक्षा विभाग हर साल 2 लाख लोगों को नौकरी देगा। इसके लिए व्यवसायिक शिक्षा विभाग ने कौशल विकास मिशन के तहत नामचीन कम्पनियों को भी युवाओं को प्रशिक्षित करने और नौकरी देने के लिए समझौता किया है।

फ्लेक्सी कम्पनियों ने प्रशिक्षण देने और अपने यहां नौकरी देने का समझौता

प्रशिक्षण और नौकरी के लिए कम्पनियों से समझौता: रेमण्ड , कॉफी डे, मारुति सुजुकी, लार्सन एण्ड टुब्रो, गैस लिमिटेड, बिग बाजार, कार्वी, जावेद हवीब, हैण्ड डिजाइन, जनक हेल्थकेयर, इनटेक्स मोबाइल, भीलवाड़ा ग्रुप की राजस्थान स्पिनिंग एण्ड वी¨वग मिल्स, लावा मोबाइल और फ्लेक्सी कम्पनियों ने प्रशिक्षण देने और अपने यहां नौकरी देने का समझौता प्रदेश सरकार के साथ कर रखा है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में हर साल 1 लाख 60 हजार युवाओं को प्रशिक्षित 

राजस्थान स्पिनिंग मिल्स ने 26 हजार और नोएडा में निर्माणाधीन लावा मोबाइल कम्पनी ने 10 हजार लोगों को नौकरी देने के एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किए हुए हैं। शर्तें ऐसी कि उसे बड़ी कम्पनियां ही कर सकती हैं पूरा: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में हर साल 1 लाख 60 हजार युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें नौकरी दिलाई जाएगी तो इतने ही प्रशिक्षत युवा दीनदयाल ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत निकलेंगे।

कम्पनी दो हजार युवाओं को ट्रेनिंग दे चुकी हो और उसमें एक हजार को अपने यहां नौकरी 

इन योजनाओं के पैसे से ट्रेनिंग देने के लिए प्रदेश सरकार ने शर्तें इतनी कड़ी कर दी हैं कि इसके तहत बड़ी कम्पनियां ही निविदाओं में हिस्सा ले सकती हैं। शर्ते यह हैं कि कम्पनी का एक करोड़ रुपए सालाना का टर्नओवर हो। कम्पनी दो हजार युवाओं को ट्रेनिंग दे चुकी हो और उसमें एक हजार को अपने यहां नौकरी दो हो।

कौशल विकास मिशन को युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 400 करोड़ रुपए मिले 

कौशल विकास मिशन के तहत प्रदेश सरकार को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 250 करोड़ रुपए मिले हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 150 करोड़ प्रदेश सरकार का अंशदान है। इस तरह कौशल विकास मिशन को युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 400 करोड़ रुपए मिले हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ख्यातिप्राप्त कम्पनियों से अनुबंध 

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत हर साल 52 करोड़ रुपए आए हैं। इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत पिछले साल का 150 करोड़ तो अभी खर्च किया जा रहा है। इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपए और आने हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ख्यातिप्राप्त कम्पनियों से अनुबंध किया जा रहा है। ताकि वे युवाओं को अपने जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कर उन्हें अपने यहां नौकरी दे सकें।