Home दिल्ली कोर्ट ने खुद के कपडे पहहने की दी मंजूरी, कोर्ट का फैसला...

कोर्ट ने खुद के कपडे पहहने की दी मंजूरी, कोर्ट का फैसला समझ नही पायें राम रहीम तब वकील ने समझाया,

कोर्ट ने खुद के कपडे पहहने की दी मंजूरी, कोर्ट का फैसला समझ नही पायें राम रहीम तब वकील ने समझाया,
कोर्ट ने खुद के कपडे पहहने की दी मंजूरी, कोर्ट का फैसला समझ नही पायें राम रहीम तब वकील ने समझाया,

सीबीआई कोर्ट द्वारा बाबा गुरमीत राम रहीम को दोषी करार होने का फैसला शुक्रवार को सुनाया गया था। कोर्ट को राम रहीम को फैसला सुनाने में केवल 20 मिनट लगे थे।

सूत्रों के अनुसार कोर्ट ने जब अपना फैसला सुना दिया था तो राम रहीम काफी देर तक शांत खड़े रहे थे क्योंकि उन्हें कोर्ट द्वारा सुनाया गया फैसला समझ ही नहीं आया था। जब काफी समय तक राम रहीम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उनके वकील ने उन्हें कोर्ट का फैसला सुनाया।

आर्मी डॉक्टर और सिविल सर्जन द्वारा कोर्ट में राम रहीम का मेडिकल टेस्ट

फैसला सुनाने के बाद कोर्ट ने तुरंत ही राम रहीम को पुलिस से कस्टडी में लेने के लिए कहा। आर्मी डॉक्टर और सिविल सर्जन द्वारा कोर्ट में राम रहीम का मेडिकल टेस्ट कराया गया था।

बता दें कि कोर्ट में जब राम रहीम दाखिल हुए तो उनके साथ एक महिला भी थी। महिला के साथ एकदम सादे कपड़े सफेद कुर्ता-पायजामा में राम रहीम कोर्ट में पहुंचे। राम रहीम ने कोर्ट में महिला के साथ अपना रिश्ता पिता-बेटी का बताया था।

वह कोर्ट में इसलिए आई थी ताकि वह राम रहीम को देख सके क्योंकि वे पीठ दर्द से ग्रस्त थे। कोर्ट ने राम रहीम पर 2002 में एक बलात्कार पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए एक केस पर सुनवाई की थी जिसमें राम रहीम को दोषी पाया गया।

कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई 28 अगस्त तय की है जिसमें राम रहीम को सजा सुनाई जाएगी। ऐसा बताया जा रहा है कि राम रहीम को इस केस में सात से दस साल तक की सजा हो सकती है।

जस्टिस जगदीप सिंह ने जैसे ही राम रहीम को दोषी करार दिया 

स्पेशल सीबीआई जस्टिस जगदीप सिंह ने जैसे ही राम रहीम को दोषी करार दिया तो यह बात हवा की तरह उनके अनुयायियों तक पहुंच गई जिसके बाद हरियाणा और पंजाब के कई राज्यों में हिंसा की वारदातें सामने आई।

पंचकुला स्थित सीबीआई कोर्ट में राम रहीम को फैसला सुनाया गया था। यहां लाखों की तादाद में राम रहीम के समर्थक इकट्ठा हुए थे जिन्होंने फैसला आने के बाद जिले में हिंसा कर दी। इस हिंसा में 30 लोग मारे गए और 250 से भी ज्यादा घायल हो गए।