Home Odd News तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो नई यूनिट्स लगाएगा रूस

तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो नई यूनिट्स लगाएगा रूस

सेंट पीटर्सबर्ग. भारत और रूस के बीच गुरुवार को पांच एग्रीमेंट्स पर दस्तखत किए गए। इस मौके पर नरेंद्र मोदी और रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे। पांच एग्रीमेंट्स में सबसे अहम न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट है। रूस तमिलनाडु के कुडनकुलम में दो नई यूनिट्स लगाएगा। इसको लेकर कुछ दिक्कतें थी, लेकिन अब यह समझौता हो गया है। मोदी बुधवार रात रूस पहुंचे थे। गुरुवार को मोदी का ऑफिशियल वेलकम किया गया। वो पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री गए, जहांं सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मोदी और पुतिन के बीच बाइलेटरल बातचीत हुई। बाद में ज्वॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया। न्यूक्लियर एग्रीमेंट अहम…
रूस, भारत को तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट की दो नई यूनिट लगाने में मदद देगा। इसे करार को अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इस पर कई साल से बातचीत चल रही थी और दोनों देशों में कुछ शर्तों पर एकराय नहीं बन पा रही थी। लेकिन, अब यूनिट 5 और 6 के लगने का रास्ता साफ हो गया है।
– इसके अलावा ट्रेड, टेक्नोलॉजी, रीजनल कोऑपरेशन और डिफेंस सेक्टर में करार हुए।
– दोनोें देशों की तीनों सेनाएं (एयरफोर्स, नेवी और आर्मी) मिलकर इस साल इंद्र नाम की ज्वॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज करेंगी।
पुतिन से मिलकर क्या बोले मोदी?
– पुतिन के साथ मुलाकात के बाद मोदी ने कहा, “रूस और भारत दोनों सभी के लिए खुशी और फायदे में यकीन करते हैं। दोनों देशों और यहां के लोगं के बीच दोस्ती और विश्वास का खास रिश्ता है।”
– “हमने ने हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन भारत और रूस के रिश्तों में कभी उतार-चढ़ाव नहीं आया।”
– इस मौके पर पुतिन ने कहा, “भारत जल्द ही शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (SPO) का हिस्सा बन जाएगा।”
न्यूक्लियर प्लान्ट डील होने से भारत को क्या फायदा?
– न्यूक्लियर प्लान्ट की 2 यूनिट बनाने की डील होने के बाद भारत को हर एक रिएक्टर से 1000 मेगावॉट (कुल 2 हजार मेगावॉट) बिजली मिलेगी।
– मौजूदा वक्त में देश में 22 रिएक्टर्स में 6 हजार 780 मेगावॉट बिजली बनाने की कैपिसिटी है।
– 2015 में मोदी-पुतिन ने एक करार पर साइन किए थे। इसके मुताबिक, दिसंबर 2016 में न्यूक्लियर यूनिट्स के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।
– रूस में भारत के एम्बेसडर पंकज सरन ने कहा, “दोनों देश एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं। बीते 3 साल में मोदी-पुतिन के बीच अच्छी केमिस्ट्री बन चुकी है।”
क्या है पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री?
सेंट पीटर्सबर्ग की पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री को सेकंड वर्ल्ड वॉर का सबसे बड़ा मेमोरियल माना जाता है। यहां 5 लाख लोग दफन हैं।
– जंग के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग (तब लेनिनग्राद) को विरोधी सेनाओं ने घेर लिया था। इसके चलते भूख-प्यास और बमबारी से 4 लाख 20 हजार लोग और 70 हजार सैनिकों की मौत हो गई थी।
# फ्रांस: भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर होगी बात
– 2 जून को मोदी यात्रा के आखिरी पड़ाव के लिए फ्रांस रवाना होंगे। यहां पेरिस में फ्रांस के नए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों का स्ट्रैटजिक रिलेशन मजबूत होने की उम्मीद है। दोनों देश आतंकवाद से पीड़ित हैं। इसलिए बातचीत में यह अहम मुद्दा हो सकता है।
एजेंडा: दोनों देशों के बीच स्पेस, नॉन-एटॉमिक, डिफेंस और इकोनॉमिक सेक्टर्स में मजबूत सहयोग है। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के सफर के दौरान भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अहम मुद्दा रहेगा।
कारोबार:फ्रांस, भारत में नौवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से जनवरी 2017 तक 5.55 अरब का इन्वेस्टमेंट किया। 2016 में कारोबार 9.60 अरब डॉलर का रहा।
भारत-स्पेन के बीच हुए 7 करार
1. साइबर सिक्युरिटी।
2. सिविल एविएशन में टेक्निकल को-ऑपरेशन।
3. दोषियों को दोनों देशों में ट्रांसफर किया जा सकेगा।
4. डिप्लोमैट पासपोर्ट रखने वालों को वीजा में छूट।
5. दोनों देश ऑर्गन ट्रांसप्लान्टेशन में एक-दूसरे को सहयोग करेंगे।
6. दोनों देश रिन्यूएबल एनर्जी में मदद करेंगे।
7. एक करार भारतीय फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट और डिप्लोमैटिक एकेडमी ऑफ स्पेन के बीच हुआ है।
– बता दें कि मंगलवार को मोदी के जर्मनी विजिट के दौरान दोनों देशों के बीच 8 करार हुए थे।
अब तक 45 देश जा चुके मोदी; 3.5 लाख किमी दूरी तय की, करीब 10% समय विदेशों में रहे
– मोदी ने अब तक करीब 3.4 लाख किमी का सफर किया है। 45 देशों में 119 दिन बिताए हैं। यह वक्त उनके अब तक के कार्यकाल का करीब 10% है।
क्या है प्रोग्राम?
– मोदी 1 और 2 जून को रूस में रहेंगे। 2 की रात में फ्रांस पहुंचेंगे। मोदी फ्रांस के नए राष्ट्रपति मैक्रों के पहले गेस्ट होंगे। इससे पहले वे जर्मनी और स्पेन गए थे।
– इस सफर के बाद मोदी कजाखिस्तान में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की मीटिंग में शामिल होंगे। यहां वे चीन के प्रेसिडेंट  शी जिनपिंग से मिलेंगे।
– मोदी 26 से 28 जून तक अमेरिकी दौरे पर होंगे। मोदी और ट्रम्प पहली बार मिलेंगे। मोदी जुलाई में इजरायल जाएंगे। यह किसी भारतीय पीएम की पहली इजरायल विजिट होगी।
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