Home प्रादेशिक आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देंने को तैयार मुम्बई पुलिस-गृहमंत्री पाटील

आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देंने को तैयार मुम्बई पुलिस-गृहमंत्री पाटील

Maharastra home minister Dr RR Patil

मुम्बई। यह महज इत्तेफाक है या कुछ और कि 26-11 मुंबई हमले का सरगना हाफिज सईद 2 दिन पहले ही रिहा किया गया। 26 दिसंबर को हमले के 9 साल पूरे हो गए। हमले में 166 ने जान गंवाई और 300 लोग घायल हुए। जान गंवाने वालों में पुलिस, एटीएस और सेना के जवान भी शामिल थे। बहरहाल, इन 9 साल में सुरक्षा के क्या इंतजामात हुए, हम आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए कितने तैयार हैं या नहीं। ये हमने महाराष्ट्र सरकार से जानने की कोशिश की। राज्य के गृह राज्य मंत्री डॉक्टर रणजीत पाटील ने मुम्बई संवाददाता दीपक दुबे को बताया राज्य की सुरक्षा का हाल।

1 26-11 जैसी आतंकवादी घटना मुंबई पर फिर न घटे, क्या यह विश्वास दिला सकते हैं?
– आतंकवादी घटनाएं रोकने के लिए हमारी सरकार ने पर्याप्त कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार के खुफिया विभाग और राज्य के गुप्तचर विभाग लगातार काम कर रहे हैं। कोस्ट गार्ड की पैनी नजर समुद्री तटों पर है। अगर कभी 26-11 जैसी घटना होती है, तो उसका हमारे सुरक्षाकर्मी मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। हमारी क्विक रेस्पॉन्स टीम, फोर्स वन और एटीएस आतंकवादियों के दांत खट्टे करने में हर तरह से सक्षम है।

2 9 साल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा नहीं हो सका। क्या यह सुरक्षा की पोल नहीं खोलता?
– 26-11 की घटना के बाद मुंबई भर में 6,000 क्लोज सर्किट टीवी (सीसीटीवी) कैमरे लगाए जाने थे। पिछली सरकार ने इसमें देरी की, लेकिन हमारी भाजपा सरकार ने इसे महत्व दिया। आज 80 प्रतिशत से ज्यादा स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। जल्द ही बकाया स्थानों पर कैमरे लगा दिए जाएंगे। कैमरे लगाने के साथ-साथ उन्हें 24 घंटे चालू रखना, उन पर निगरानी रखना भी एक चुनौती है। यह भी हमारा विभाग बखूबी निभा रहा है। मुंबई के अलावा ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर जैसे शहरों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। छोटे-छोटे शहरों में भी कैमरे लगाने के लिए जिलाधिकारी को अधिकार दिए गए हैं।

3 26-11 जैसे आतंकी हमले रोकने के लिए रामप्रधान समिति के सुझावों पर क्या अमल हुआ है?
रामप्रधान समिति के ज्यादातर सुझावों को स्वीकार ही नहीं, बल्कि लागू भी कर दिया गया है। समुद्री तटों पर निगरानी हेतु विशेष ध्यान दिया गया। नया सिस्टम बनाया गया। नए उपकरण खरीदे गए। कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर तटों की निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम अंतिम चरण में हैं। पुलिस के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट से लेकर आधुनिक हथियार मुहैया कराने, महत्वपूर्ण जगहों पर बंकर बनाने और बम निरोधक वाहन खरीदने का काम किया गया।

4 बंकर तो बन गए, लेकिन कई बंकर खाली पड़े हैं, बल्कि उनमें आवारा जानवर शरण लेते हैं। हथियारों में भी जंग लगने की खबरें सामने आई हैं?
– जहां भी ऐसी स्थिति है, उसे सही कराया जाएगा, और जिसकी लापरवाही है उसे दंडित कराया जाएगा।