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समय से पहले 2019 के लोकसभा चुनाव, अन्य राज्यों से यूपी में हलचल

लखनऊ। देश में इस समय पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, मगर सबसे ज्यादा घमासान यूपी में मचा है। नरेंद्र मोदी से लेकर राहुल गांधी तक यूपी को मथ रहे हैं और अब मुलायम सिंह यादव भी मैदान में उतर पड़े हैं। आजमगढ़ रैली के बाद उन्होंने तीन और रैलियों की तारीख घोषित कर दी है। बसपा चीफ मायावती भी यूपी में मोर्चा संभालने जा रही हैं। चुनाव वाले राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम) से ज्यादा यूपी में राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व की इस अति सक्रियता के निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं।

चुनावों की तारीख पर आयोग करेगा फैसला
राजनीतिक दलों को लग रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आने के बाद बहुत मुमकिन है कि लोकसभा चुनाव समय से पहले घोषित हो जाएं।

लोकसभा का कार्यकाल मई 2014 तक है लेकिन केंद्रीय निर्वाचन आयोग को इस बात का अधिकार होता है कि किसी भी सदन का कार्यकाल पूरा होने के छह महीने के अंदर वह अपनी सुविधानुसार कभी भी चुनाव करा सकता है। किसी सदन का कार्यकाल अगर छह महीने से ज्यादा का बचा होता है तब कैबिनेट की सिफारिश पर आयोग चुनाव कराता है। मौजूदा लोकसभा के कार्यकाल के हिसाब से आयोग के पास अपने विवेक से चुनाव कराने का अधिकार दिसम्बर में आ जाएगा। पांच राज्यों के नतीजे भी आठ दिसम्बर को आ जाएंगे।

PM MODI & HOME MINISTER RAJNATH SINGH

ज्यादा मतदान की प्रतिबद्धता

समय से पूर्व चुनाव कराने की संभावना इसलिए भी दिख रही है कि अप्रैल-मई में गर्मी के मद्देनजर मतदान का प्रतिशत कम हो जाता है जबकि फरवरी- मार्च में मतदान का प्रतिशत ज्यादा होता है। अधिक मतदान कराने की अपनी प्रतिबद्धता के दृष्टिगत आयोग ऐसे समय ही चुनाव कराना चाहेगा जब मतदान का प्रतिशत अधिक हो।

चुनावी तैयारियों का लिया जायजा

यूपी सहित कुछ राज्यों में चल रहा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान भी जनवरी में पूरा हो जाना है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के डिप्टी कमिश्नर विनोद जुत्शी एक दिन पहले ही लखनऊ आकर अब तक की चुनावी तैयारियों का जायजा ले चुके हैं।
वैसे कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनाव समय पर होंगे लेकिन बीजेपी उनके इस तर्क को मानने को तैयार नहीं है। पूर्व संसदीय कार्यमंत्री एवं बीजेपी के वरिष्ठ नेता हृदय नारायण दीक्षित कहते हैं कि कांग्रेस को एक-एक दिन भारी पड़ रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व को मालूम है कि हर रोज जनता के बीच उसकी उसको लेकर नाराजगी बढ़ रही है। कोई महीना ऐसा नहीं होता, जिसमें कोई न कोई नये घोटाले से पर्दा न हटता हो। इस वजह से कांग्रेस पार्टी खुद जल्दी चुनाव चाहती है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चैधरी भी मानते हैं कि समय से पहले लोकसभा चुनाव की संभावना है। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी काफी पहले से चुनाव के लिए तैयार है। एक दो सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर प्रत्याशी भी घोषित किए जा चुके हैं।