Home उत्तर-प्रदेश योगी सरकार का निर्देश- रविवार को एंटी मास्क्यूटो ड्राई-डे मनाया जायगा

योगी सरकार का निर्देश- रविवार को एंटी मास्क्यूटो ड्राई-डे मनाया जायगा

लखनऊ. बच्चो को रोग मुक्त करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आदेश दिया है की, हर रविवार को ड्राई डे के रूप में मनाया जय, जिसमे की प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री प्रशांत त्रिवेदी ने डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव हेतु छात्र/छात्राओं को पूरी आस्तीन की ड्रेस पहनने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मच्छरों के ज्यादा पनपने और मच्छर जनित बीमारियां होने की पूरी सम्भावना रहती है। इसलिए स्कूली बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के लिए हर संभव उपाय किये जाने चाहिए।

रविवार को एंटी मास्क्यूटो ड्राई-डे मनाया जायगा

– प्रमुख सचिव आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगांे के रोकथाम, बचाव तथा नियंत्रण के संबंध मंे एक उच्च स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा के विद्यालयों में डेंगू रोधी टीम के माध्यम से टोली बनाकर नाटक, सेमिनार, संगोष्ठी आदि के माध्यम से डेंगू से बचाव के उपाय बताए जाएं।

सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों के पाठ्यक्रमांे में डेंगू से बचाव से संबंधित विषय प्राथमिकता के आधार पर शामिल जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जाए।

विद्यालयों में अनुपस्थित बच्चों में यदि कोई बुखार से पीड़ित है, तो उसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
मच्छरों की पैदाइश के अनुकूल परिस्थितियां जैसे साफ-सफाई, पानी का ठहराव आदि के लिए एंटी मास्क्यूटो ड्राई-डे प्रत्येक रविवार को मनाया जाए। इसके साथ ही पास-पड़ोस के लोगों को जागरूक भी किया जाए।

उन्होंने कहा कि डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जन सामान्य का सहयोग अत्यन्त आवश्यक है, तभी इस महामारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेंगू रोगियों के चिन्हांकन में निजी चिकित्सालयों का सहयोग नहीं मिलता है, इससे वास्तविक डेंगू रोगियों का पता नहीं चलता है।

उन्होंने निर्देश दिए कि तत्काल इस संबंध में निजी चिकित्सालयों को निर्देश जारी किए जाएं कि वे प्रत्येक दशा में डेंगू मरीजों की सूचना सी0एम0ओ0 को उपलब्ध कराएं। ऐसा न करने वाले चिकित्सालयों केे विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि डेसबोर्ड पर डेंगू के बारे में सभी जनकारियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिला चिकित्सालयों में डेंगू रोगियों के लिए 10 बेड आरक्षित कर लिए जाएं।

अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। रैपिड रिस्पांस टीम को भी सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में डेंगू रोग के प्रभावी उपचार हेतु चिकित्सकों की टेªनिंग कराई जाए।

विभागों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई

डेंगू की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसमें शिक्षा विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, सूचना विभाग, ग्राम विकास, समाज कल्याण तथा सिंचाई विभाग शामिल हैं। इनके अलावा नागरिक सुरक्षा विभाग, कृषि, वन, रेलवे तथा भारत संचार निगम से भी डेंगू से निपटने में सहयोग की अपेक्षा की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन विभागों के अतिरिक्त स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं बचाव हेतु जुलाई माह को डेंगू रोधी माह के रूप में मनाया जाए तथा इसका व्यापक-प्रचार भी किया जाए। इसके अलावा विशेष जागरूकता अभियान चलाकर मच्छर पैदा होने वाले स्थानों यथा कूलर, फ्लावर पाॅट, गमले, छतों की सफाई आदि कराई जाए, जिससे पानी इकट्ठा न हो और मच्छरों की ब्रीडिंग को रोका जाए।

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