Home उत्तर-प्रदेश पत्थर के जरिये भावनात्मक रिश्ता जोड़ेगी विहिप, जाने क्या है…

पत्थर के जरिये भावनात्मक रिश्ता जोड़ेगी विहिप, जाने क्या है…

लखनऊ. श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर कोर्ट के बाहर समझौते की कवायद भी चल रही है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर राम मंदिर पर समझौता कराने के लिए आगे आए हैं। इसबीच विश्व हंिदूू परिषद (विहिप) भी श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर शिला पूजन की मुहिम चलाकर भावनात्मक रिश्ता जोड़ने की में है। रिश्ते का आधार बनेंगे अयोध्या में मंदिर के लिए तराशे जा रहे पत्थर। इसका केंद्र होगा तीर्थराज प्रयाग। विहिप तराशे गए कुछ पत्थरों को माघ मेले में लाकर दर्शनार्थ रखवाएगी।

अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के पहले से ही वहां राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप की कवायद चल रही है।

ayodhya ram mandir

1989 में विहिप ने हंिदूुओं को एक मंच पर लाने के लिए शिला पूजन व सवा एक रुपये श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दान लिया था। अयोध्या में मंदिर निर्माण का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के बाहर इस मामले को सुलझाने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है।

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के बीच इलाहाबाद के बाघंबरी गद्दी में हुई बातचीत में सकारात्मक सहमति बन चुकी है। अयोध्या में भी कई दौर की वार्ता हो चुकी है। प्रक्रिया अभी भी चल रही है। इस बीच विहिप ने भी व्यूह रचना की है। इसके लिए अयोध्या में तराशी गई दो-तीन शिलाएं इस बार माघ मेला में विहिप के शिविर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी जाएंगी। देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उसे दिखाकर बताया जाएगा कि विहिप ने मंदिर निर्माण को लेकर जो मुहिम छेड़ी थी वह सार्थक दिशा में आगे बढ़ रही है।

निरंतर चल रही है तराशी :

श्री रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला रामघाट अयोध्या में पत्थर तराशने का काम सितंबर 1990 से चल रहा है। हल्के गुलाबी व चंदन के रंग वाले पत्थर राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से मंगाए जाते हैं। विहिप ने दो तल में श्रीराम मंदिर का प्रारूप तैयार किया है। संपूर्ण मंदिर सौ एकड़ में होगा, जबकि मुख्य परिसर साढ़े तीन एकड़ में बनेगा। मंदिर में एक लाख, 75 हजार घनफुट पत्थर लगना है। अभी तक एक लाख घनफुट पत्थर पर काम पूरा हो चुका है। इसके तहत सिंह द्वार, रंगमंडप, परिक्रमा व गर्भगृह बनकर तैयार है। संपूर्ण मंदिर में 212 खंभे लगेंगे, जिसमें 150 खंभे बन गए हैं। 85 बीम लगनी है, उसमें 45 बनकर तैयार है।