Home उत्तर-प्रदेश लखनऊ के आबकारि अधिकारि फंसे

लखनऊ के आबकारि अधिकारि फंसे

excise department file photo

 

लखनऊ. जिला आबकारी अधिकारी संतोष कुमार तिवारी निकाय चुनावों की मतगणना वाले दिन पहली दिसंबर को एक क्लब में आयोजित होने वाले एक वैवाहिक समारोह में शराब परोसे जाने का अकेजनल बार लाइसेंस दिए जाने पर राज्य निर्वाचन आयोग के घेरे में फंस गए हैं। आयोग ने श्री तिवारी के क्रियाकलापों पर सख्त नाराजगी जताई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने आयोग की तरफ से उनकी परिनिंदा करते हुए आदेश दिए हैं कि इस परिनिंदा को उनकी सरकारी सेवा संबंधी व्यक्तिगत फाइल में रखा जाए।

श्री तिवारी के खिलाफ आयोग का यह रुख पहली दिसंबर को नगरीय निकायों के चुनाव की मतगणना के दिन लखनऊ के एक क्लब में आयोजित होने वाले एक वैवाहिक समारोह में शराब परोसे जाने का अकेजनल बार लाइसेंस जारी करने के बाबत सामने आया है।श्री अग्रवाल ने लखनऊ के जिला आबकारी अधिकारी संतोष तिवारी के स्पष्टीकरण पर असंतोष जताते हुए कहा है कि श्री तिवारी द्वारा जानबूझकर आदर्श आचार संहिता का ही नहीं बल्कि अपर मुख्य सचिव आबकारी के 8 नवम्बर के शासनादेश का उल्लंघन किया गया। हालांकि जिला आबकारी अधिकारी श्री तिवारी ने आयोग के समक्ष प्रस्तुत अपने स्पष्टीकरण में स्वीकार किया कि उन्होंने 11 नवम्बर के आदेश के जरिए उक्त अकेजनल बार लाइसेंस को निरस्त कर दिया है।

आयोग के अनुसार जिला आबकारी अधिकारी के इस स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट है कि अपर मुख्य सचिव आबकारी को आयोग द्वारा 11 नवंबर को दिए गए निर्देश के बाद ही उसी दिन जिला आबकारी अधिकारी ने 9 नवंबर को जारी उक्त अकेजनल बार लाइसेंस तत्काल निरस्त किया। उनका यह कृत्य सदभावनापूर्ण नहीं माना जा सकता। आयोग ने श्री तिवारी के स्पष्टीकरण में उल्लिखित उस कथन को भी स्वीकार योग्य नहीं माना है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 8 नवम्बर को जारी आबकारी विभाग के शासनोदश को प्राप्त होने के बाद उनके द्वारा अकेजनल बार लाइसेंस के आवेदनकर्ता को फोन पर अवगत करवा दिया गया था। आयोग के अनुसार जिला आबकारी अधिकारी को उसी दिन लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए था जबकि ऐसा नहीं किया गया।