Home Odd News राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज

नई दिल्ली: जुलाई में राष्ट्रपति चुनावों की संभावनाओं को देखते हुए सियासी सरगर्मियां बढ़ गई है। विभिन्न दल और नेता इस मसले पर अपनी राय जाहिर करने लगे हैं। इसकी शुरुआत सबसे पहले शिवसेना ने की थी। उसने राष्ट्रपति पद के लिए सर्वाधिक उपयुक्त प्रत्याशी संघ प्रमुख मोहन भागवत को बताया था।

माना जा रहा है कि मराठी कार्ड के आधार पर शिवसेना ने संघ प्रमुख का नाम लिया था। हालांकि भागवत ने इस तरह की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया था। शिवसेना के बाद अब बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने इस मसले पर अपनी राय जाहिर की है। उन्होंने ट्विटर पर कहा है कि गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल राष्ट्रपति पद के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आनंदीबेन गुजराती हैं तो क्या हुआ? मैं भी एक गुजराती का ही दामाद हूं। इसकी प्रतिक्रिया में स्वामी के अंदाज में ही एक यूजर ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति पद के सर्वश्रेष्ठ प्रत्याशियों में से सुषमा स्वराज शामिल हैं। इससे क्या फर्क पड़ता है कि वह पंजाबी हैं? क्यों न किसी महिला को तरजीह दी जानी चाहिए?

उल्लेखनीय है कि विपक्ष की तरफ से भी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से संयुक्त उम्मीदवार उतारने की कोशिशें शुरू हुई हैं। इस पद के लिए जदयू के नेता शरद यादव का नाम भी सामने आया है। शरद यादव ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार को लेकर चल रही चर्चा के बीच जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया से मुलाकात की।

इस मुद्दे पर विभिन्न दलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाने वालीं सोनिया ने मौजूदा राजनीतिक सियासत पर उनसे चर्चा की। राष्ट्रपति चुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों में यादव के नाम की भी चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने इस बैठक को महज शिष्टाचार मुलाकात बताया।