Home Odd News मौत के 12 घंटे बाद तक इलाज का ड्रामा करते रहे डॉक्टर!...

मौत के 12 घंटे बाद तक इलाज का ड्रामा करते रहे डॉक्टर! बच्ची से छिन गई मां

इलाहाबाद.संगमनगरी के कमला नेहरू अस्पताल में डिलीवरी के बाद हुई महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि कंचन पांडे की मौत डॉक्टरों व हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही की वजह से हुई है और हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने मरने की बात उन्हें मौत होने के 12 घंटे के बाद बताई। इस दौरान वे उसकी बॉडी आईसीयू में रखकर इलाज का नाटक करते रहे।
 
शादी के 5 साल बाद हुई थी प्रेग्नेंट
– इलाहाबाद के हिम्मतगंज निवासी पंकज पांडे की शादी 2012 में कंचन पांडे से हुई थी। पांच साल तक दोनों को कोई बच्चा नहीं हुआ। 2016 में कंचन प्रेग्नेंट हुई।
– मृतका की देवरानी ने बताया, “बुधवार सुबह 10 बजे कंचन ने ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। हम सभी एक्साइटेड थे, लेकिन डॉक्टर परिहार ने हमें उससे मिलने नहीं दिया। ऑपरेशन के बाद उसे सीधे आईसीयू में एडमिट कर दिया गया। गुरुवार सुबह जब उसके पति पंकज हॉस्पिटल पहुंचे तो उन्हें कंचन में कोई हरकत नहीं दिखी। उन्होंने हमें फोन कर कहा कि वो उठ नहीं रही है। ये सुनते ही हम घर अपने बूढ़े ससुर के हवाले कर हॉस्पिटल भागे। डॉक्टरों ने हमें एक बार भी नहीं बताया कि वो अब इस दुनिया में नहीं है।”
– कंचन की जेठानी कामिनी पांडे ने बताया, “हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट सही नहीं हुआ। इनकी लापरवाही के कारण कंचन की मौत हुई है। हमें सीनियर डॉक्टर से उम्मीद थी कि वो अच्छा करेंगी, लेकिन ऑपरेशन के बाद डॉ परिहार उसका हाल लेने तक नहीं आईं। हमें उससे मिलने तक नहीं दिया गया। उसके पति तक को रूम के अंदर नहीं जाने दिया। ऑपरेशन सक्सेसफुल था, इसके बावजूद उसे आईसीयू में रखा। हमने जब सुबह कंचन को देखा तो उसकी पूरी बॉडी में ब्लैक स्पॉट्स थे और नाक-मुंह से झाग निकल रहा था। उसे देखकर लग रहा था कि उसकी डेथ मंगलवार रात को ही हो गई थी।”
लखनऊ आ जाते तो बच जाती कंचन
– मृतका के पति पंकज ने बताया, “मेरी दीदी देहरादून में रहती हैं। उनकी ननद का हॉस्पिटल लखनऊ में है। उन्होंने कहा था कि तुम लोग लखनऊ आ जाओ, हम भी देहरादून से लखनऊ आ जाते हैं और वहीं पर कंचन की डिलीवरी करवाएंगे, लेकिन कंचन ने ही मना कर दिया था। हम वहां गए होते तो कंचन आज शायद जिंदा होती। यहां तो डॉक्टर ने मिलने भी नहीं दिया। मैं बुधवार सुबह जब हॉस्पिटल पहुंचा तो डॉक्टर ने बोतल मंगवाई। उसे लेकर आया, लेकिन सुबह 6 बजे के आसपास मुझे बताया कि कंचन अब इस दुनिया में नहीं है। अंदर गया तो देखा कि रात में लगी हुई सिरिंज ही हाथ में लगी है। कंचन की मौत रात को ही हो गई थी। ये लोग जानबूझकर परिवार के किसी सदस्य को नहीं मिलने दे रहे थे। डॉक्टरों की लापरवाही बरतने की वजह से हमारी कंचन की जान गई इसके लिए डॉक्टर ही जिम्मेदार और उनका स्टाफ जिम्मेदार है। हमने FIR दर्ज करवा दी है।”
क्या कहती है पुलिस?
– कर्नलगंज एसओ अवधेश प्रताप सिंह ने बताया, “मंगलवार रात को कमला नेहरू अस्पताल में महिला को भर्ती करवाया गया था, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ठीक से महिला की देखरेख नहीं की, इस वजह से उसकी मौत हुई।
लापरवाही को लेकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
SHARE